WHY , KYO , KYUN PART 1

आपके जीवन में हर समय कोई न कोई कार्य कलाप चलता ही रहता है , जिसमे अनेक कार्य ऐसे होते है की हम अपने पूर्वजो के सिखाये अनुसार करते है , किन्तु क्यों करते है इसका उत्तर शायद ही किसी को बलि भाति मालूम हो , इसी क्यों को ध्यान में रखते हुए हमने ये पोस्ट और खुश आगे की पोस्ट लिखी है जिसमे आपको आपके इस क्यों का उत्तर मिल जाएगा , इनमे आपको धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों तरह के सवालों के उत्तर दिए जाएंगे ,

Why Text Question - Free image on Pixabay
इन पोस्टो में आपको पता लगेगा की हिन्दू धर्म में जो मान्यताए है उनके पीछे कोई वैज्ञानिक तर्क भी है या उन्हें हमारे ऋषि मुनियो ने उन्हें यूँ ही बना दिया है ,
चलिए हम सब ये अनेक क्यों के उत्तर एक एक करके आपको बता देते है ,

सबसे पहले सवाल और हम सबका क्यों होता है की
क्यों होता है गंगाजल पवित्र ?

ALL YOU NEED TO KNOW ABOUT 'GANGAJAL'- Sentinelassam

गंगा को  देवताओ की नदी कहते है , इसके जल में कभी कीड़े नहीं पड़ते , इसका उद्गम स्थल गोमुख है , जिस कारन इसको पवित्र मन जाता है ,

द्विज का क्या अर्थ होता है , ब्राह्मण को द्विज क्यों कहा जाता है ?
astrology why need janeu sanskar Slide 4-m.khaskhabar.com
जिसका दो बार जन्म होता है उसे द्विज कहा जाता है , ब्राह्मण का प्रथम जन्म माता की गर्भ  से और दूसरी बार यज्ञोपवीत संस्कार , यानि जनेऊ धारण करना उसका दूसरा जन्म कहा जाता है ,

कुश को धारण करने का वैज्ञानिक पक्ष क्या है ?

Gomukh Bag (गौमुखी थेली) | Buy Online Gomukh Bag
कुश नॉन कंडक्टर होता है , इसलिए पूजा , पाठ, यग , आदि करते समय कुश का आसान बिछाते है और पवित्री स्वरुप हाथ की उंगली में धारण  करते है जिसमे बार बार हाथ को  इधर उधर करने से अगर जमीन स्पर्श हो अन्यथा संचित शक्ति अर्थ होकर पृथ्वी में चली जाएगी , अगर भूलवश हाथ पृथ्वी पर पड़ भी जाए तो भूमि में कुश का स्पर्श होगा ,

क्या ब्राह्मण ही दान लेने के योग्य है , अन्य वर्ग या जातीय नहीं , यदि नहीं तो क्यों ,?
Best Pandit in Hyderabad | Pandit for Pooja in hyderabad | Veda ...
क्योकि दान सत्पात्र सुपात्र को दिया जाता है , वेद आदि समृतियों के अनुसार मनुष्य में ब्राह्मण सर्वश्रेष्ठ होता है , क्योकि ब्राह्मण सदैव गायत्री जप से प्रायश्चित कर्म करते रहते है , इसीलिए ब्राहण ही दान लेने के योग्य माना गया है ,      

No comments:

Post a Comment