धन प्राप्ति के लिए 3 मन्त्र , सफलता पाने के लिए छुपाए 3 चीजे , बन जाओगे करोड़पति

 नमस्कार दोस्तों आज इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे 3 काम जिन्हे न करने से आप करोड़पति बन सकते है या यूँ कहिये की आप सफल हो सकते है  , साथ ही साथ प्रदोष व्रत के बारे मे बताएंगे और इसी के साथ साथ 3 ऐसे मन्त्र बताएंगे जिन्हे तुलसी माता के सामने बोलने से आपको धन की प्राप्ति होगी और मनोकामना पूर्ति होती है , 




आइये शुरू करते है सबसे पहले  3 ऐसी आदतों के बारे मे बात करते जिन्हे किसी के सामने नहीं बताना चाहिए , आचार्य चाणक्य ने बताया की अपने लक्ष्य के बारे मे किसी को नहीं बताना चाहिए क्योकि ऐसा करने से कोई भी आपके कामो मे अड़चन पैदा कर सकता है , आपको आपके मार्ग से भटका सकता है जिससे आप सफल होने से चूक जाएंगे , 

दूसरा अपने धन के बारे मे किसी को नहीं बताना चाहिए ऐसा करने से आपके दुश्मन बढ़ सकते है , कोई आपको हानि पंहुचा सकता है , असमय आपसे कोई भी पैसे की मांग कर सकता है , ये एक कड़वा सत्य है की हर इंसान अपने लिए कमाता है किसी को उधार देने के लिए लेकिन कई बार आपका कोई सगा सम्बन्धी ऐसे समय आपसे धन की मांग कर सकता है जब आपके पास पर्याप्त धन न हो या आपको उस धन की खुद जरुरत हो इस समय आपको उसे धन देना आपके कामो मे रूकावट पैदा करेगा , और अगर आप ऐसा नहीं करते तो आपके रिश्ते खराब होंगे ,


तीसरा अपनी कमियों को किसी के सामने नहीं बताना चाहिए ऐसा करने से दूसरे लोग आपकी कमजोरी का फायदा उठा सकते है और आपको आपके मार्ग से भटका सकते है , 

तो ये तीन चीजे है जिन्हे किसी को नहीं बताना चाहिए , धन , लक्ष्य , और अपनी कमजोरी या कमीया ,


दोस्तों अब बात करते है प्रदोष व्रत के बारे मे प्रदोष व्रत के महत्व के बारे मे , प्रदोष व्रत भगवन शिव को प्रशन्न करने के लिए किया जाता है , प्रदोष व्रत करने से आपकी सभी मनकामना पूर्ण होती है  , महीने की हर त्रियोदशी को प्रदोष व्रत किया जाता है , प्रदोष व्रत के दिन शाम के समय शिव की पूजा करनी चाहिए , कहा जाता है की मनोकामना पूर्ण करने के लिए प्रदोष व्रत करे और भगवान शिव से अपने मन की मनोकामना कहे , और श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जाप करे , प्रदोष व्रत के लिए या किसी भी व्रत के लिए सबसे जरुरी है भगवान पर पूर्ण भरोषा होना , जब तक आपके मन मे पूर्ण विश्वाश नहीं होगा तब तक आपका कोई भी व्रत सम्पूर्ण नहीं होगा और न ही उस व्रत का फल मिलेगा , इसलिए अपने मन को भगवान की भक्ति मे लगाए और पूर्ण विश्वाश के साथ ही व्रत करे ,


दोस्तों अब बात करते है तीन मंत्रो के बारे मे जिन्हे अगर आप तुलसी माता के सामने बोलते है तो आपको नजर से बचाएंगे , आपको धन की प्राप्ति होगी और आपकी मनोकामना पूर्ण होगी , 

जैसा की आप सभी जानते है की तुलसी जी को लक्ष्मी जी का स्वरुप कहा जाता है , इसलिए तुलसी माता आपके घर मे धन दौलत की बरसात कर सकते ही , अब बात करते है उन 3 मंत्रो के बारे मे 

सबसे पहले अगर आपको नजर लग गयी है और बार बार नजर लगती है या आपके काम को नजर लग गयी है तो आपकी ॐ मन्त्र का जाप करना है , जब सुबह आप तुलसी माता को जल दे उसी समय ॐ मन्त्र का 11 से 21 बार जाप करने से आपको लगी हुयी नजर कम हो जाती है और 2 से 3 दिन मे उस नजर का असर कम हो जाता है और धीरे धीरे खत्म हो जाता है , 

अगर आपको धन की कमी चल रही है और आप चाहते है की आपके घर धन दौलत आये धन आने के रास्ते खुले तो तुलसी माता के सामने एक मन्त्र को हर रोज 11 बार बोना है ये मन्त्र है  ॐ सुभद्राय नमः  ,इस मन्त्र को आप तुलसी माता के सामने हर रोज 11 बार बोलना है आप देखेंगे की बहुत जल्द ही आपके घर मे धन आने लगेगा और आपके बिगड़े काम बनने लगेंगे , इससे आपके जीवन की सभी समस्या दूर हो जाएंगी , 

इसके आलावा अगर आपकी कोई मनोकामना है जो पूरी नहीं हो पा रही तो आप तुलसी माता के सामने एक मन्त्र को 11 बार बोले ऐसा आपको हर रोज करना है ऐसा करने से आपकी सभी मनोकामना पूर्ण होंगी ये मन्त्र है ॐ सुप्रभाय नमः  , इस मन्त्र को हर रोज तुलसी माता को जल देते हुवे 11 बार बोले , 

तुलसी माता के पास शाम के समय दिया जलाने से धन प्राप्ति होती है , 

उम्मीद करते है ये जानकारी आपको अच्छी लगी होगी अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी है तो कृपया इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे , 


बुरी नजर , ॐ का जप 21 बार 

धन प्राप्ति के लिए 

ॐ सुभद्राय नमः 

मनोकामना के लिए 

ॐ सुप्रभाय नमः 


धन प्राप्ति के लिए 3 मन्त्र , सफलता पाने के लिए छुपाए 3 चीजे , बन जाओगे करोड़पति 


6 अध्भुत जानकारी | जिन्हे आप नहीं जानते , पानी का दिया , शेषनाग के साक्षात् दर्शन , उल्टा शिवलिंग , शिव की पूजा करता नाग ....

दोस्तों इस post मे हम आपको 6 ऐसी जानकारी देने जा रहे है जिन्हे बहुत ही कम लोग जानते है , आइये शुरू करते है जानकारी , आपको जानकारी अच्छी लगेगी तो post को ज्यादा से ज्यादा share करे 



 


दुनिया का एकलौता ऐसा शिवलिंग जो पाताल लोक मे स्तिथ है : 

हरिद्वार के कनखल मे एक ऐसा मंदिर है जिसके अंदर  पाताल मुखी शिवलिंग है , इस मदिर का नाम दकसेश्वर महादेव मंदिर है , राजा दक्ष के आग्रह पर भोलेनाथ ने राजा दक्ष को ये वरदान दिया की यहां पर भोलेनाथ को दक्षेस्वर महादेव के नाम से जाना जाता है , सावन का पूरा महीना भोलेनाथ यहाँ निवास करते है , यहां पर जो भी भक्त दक्षेस्वर महादेव का नाम लेकर गंगाजल अर्पित करता है उसकी मनोकामना शीध्र ही पूरी होती है , 


शिवजी की पूजा करने रोज आता है नाग : 

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के सलेमाबाद मे एक मंदिर ऐसा है झा पिछले 15 सालो से एक नाग शिव की पूजा करने आता है , यहां पर यह नाग हर दिन सुबह 10 बजे आता है और 3 बजे चला जाता है , नाग ने आज तक किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया , इस नाग को देखने के लिए यहां भक्तो की लाइन लगती है , 


हनुमान जी के मंदिर मे दूर होते है रोग :

मंदिर के अंदर अनेको चम्तकार हो चुके है , मदिर के अंदर हनुमान जी की मूर्ति बालस्वरूप मे है , मूर्ति के बराबर मे एक छोटा सा छेद है जिसमे अपने आप पानी आ जाता है इस पानी के छिड़काव से कई असाध्य रोग दूर हो जाते है , दोस्तों ये मंदिर का नाम है श्री शम्भू वाले हनुमान जी का मंदिर , ये मदिर 400 सालो से भी ज्यादा पुराना है . 


चार जगह गिरा था अमृत :

 कहा जाता है समुद्र मंथन के समय अमृत की कुछ बुँदे भारत के इन चार जगह पर गिरा था , इन जगह का नाम है हरिद्वार , प्रयागराज , उज्जैन , नासिक , यही पर कुम्भ का आयोजन भी किया जाता है ,हरिद्वार को सप्तपुरियों मे से एक माना जाता है हरिद्वार मे हर की पौड़ी मे अमृत छलका था इसे ब्रमकुण्ड कहा जाता है , यही से माँ गंगा मैदानी छेत्रो मे जाती है इसलिए इसे गंगा द्वार भी कहा जाता  , कहा जाता है हर की पौड़ी के ऊपरी दिवार पर भगवन विष्णु के चरणों के निशान है जिन्हे माँ गंगा हर समय स्पर्श करती रहती है , कहा जाता है की यहां पर का साथ ब्रह्मा , विष्णु और महेश निवास करते है , 


शेषनाग देते है दर्शन : 24 घंटो मे एक बार शेषनाग देते है दर्शन , ये एक जगह है जो अमरनाथ यात्रा के रस्ते मे पड़ती इसे शेषनाग झील के नाम से जाना जाता है जहां 24 घंटे मे एक बार श्रद्धालुओ को शेषनाग दर्शन देते है , साथ ही साथ इस झील मे समय समय पर शेषनाग की आकर्ति भी बनती है जो पानी पर साफ़ देखि जा सकती है , कहा जाता है इस झील को शेषनाग ने खुद खोदा था और यहां पर आकर रहने लगे थे , 


जलता है पानी का दीपक : गाड़िया घाट वाली माता के मंदिर मे पानी का दीपक जलता है , मध्य प्रदेश के कालिसिंद नदी के किनारे गाड़िया गाओं के पास बहने वाली कालिसिंद नदी के किनारे मंदिर बना हुवा है , यहां पहले तेल और घी का दीपक जला करता था लेकिन कई वर्षो पहले माता ने पुजारी को सपने मे दर्शन दिए और कहा की पानी से दीपक जलाओ इसके बाद पुजारी ने सुबह उठकर नदी का पानी चिरगी मे भरा और बाती को इसमें रखा तो बाती जल उठी , उस दिन से आज तक यहां पर पानी का दीपक ही जलता है , 


6 अध्भुत जानकारी | जिन्हे आप नहीं जानते , पानी का दिया , शेषनाग के साक्षात् दर्शन , उल्टा शिवलिंग , शिव की पूजा करता नाग ....

 

भारत के 5 रहस्यमयी मंदिर | रहस्य जानकर चौक जाएंगे

No. 1 बाराबंकी जिले के मौसाली ब्लॉक मे उधौली के पास ज्वालामुखी  माँ का मंदिर है इस मंदिर के अंदर एक कुआ है इस कुवे के पानी को आँखों मे लगाने से आँखों की सभी बीमारी ठीक हो जाती है , कहा जाता है की 500 साल पहले इस कुए के आस पास घना जंगल था व्ही से माता ज्वाला के साथ साथ 5 देवी प्रकट हुयी थी जो अलग अलग जगह पर स्थापित हुयी ,




No.2 राजस्थान के नागौर जिले की बेगाना तहसील मे बुटाटी धाम के नाम से मंदिर है यहाँ पर देश विदेश से भक्त जान आते है और यहां पर साथ दिनों के लिए आरती और परिकर्मा करने से लकवा ठीक हो जाता है , ऐसा बताया जाता है की 600 साल पहले यहाँ पर एक साधु थे जिनका नाम चतुरदास था , वो आरोग्य की जानकारी लेने के लिए तप किया और सिद्धि प्राप्त कर उन्होंने यहां आकर जीवित समाधि ले ली थी जहां पर आज ये मंदिर है उन्ही के आशीर्वाद से आज यहां पर लाखो लोग ठीक हो रहे है ,


No.3 मौत का आश्रम है , काशी मे मोक्ष भवन के नाम से एक आश्रम है जो बहुत ही प्रशिद्ध है ये अपनी तरह का दुनिया मे एकमात्र आश्रम है जहां पर लोग अपनी मृत्यु पाने के लिए आते है , या यूँ कहिये की मुक्ति पाने के लिए आते है , यहां पर लोग आते है उन्हें 15 दिनों के लिए कमरा किराए पर दिया जाता है , इन 15 दिनों के अंदर व्यक्तियों के शरीर पर गंगा जल का छिड़काव किया जाता है और आरती दी जाती है ताकि उनका शरीर और उनकी आत्मा शुद्ध हो जाए और उनकी मुक्ति हो जाए , अगर 15 दिनों के अंदर किसी व्यक्ति के प्राण नहीं जाते तो उसे कमरा खली करना पड़ता है , 


No.4 : काशी मे कभी प्रलय नहीं आ सकती , ऐसा कहा जाता है की बाबा विश्वनाथ का मंदिर स्वयं शिव के त्रिशूल पर टिका है , ऐसा कहा जाता है की एक भक्त को भगवान भोलेनाथ ने दर्शन देकर सपने मे कहा की गंगा सनान करने के बाद उसे दो शिवलिंग मिलेंगे और जब इन दोनों शिवलिंगो को जोड़कर स्थापित किया जाएगा तो शिव और शक्ति के दिव्य शिवलिंग की स्थापना होगी , उसी दिन से भगवान शिव यहां पर माता पारवती के साथ रहते है , इसी लिए यहां हर हर महादेव नहीं बल्कि नमः पारवती पते हर हर महादेव कहा जाता है 


No.5 : उत्तर प्रदेश के इटावा जिले मे 12 किमी दुरी पर गांव रूरा के पास यमुना नदी के किनारे  पिलुआ महादेव नाम का मंदिर है यहां पर हनुमान जी की मूर्ति है जो लड्डू खाती है और दूध पीती है और मूर्ति से साँस लेने का आभास होता है साथ ही साथ मूर्ति के मुख से राम नाम की धवनि भी सुनाई देती है , मूर्ति के लड्डू खाने का कर्म सालो से चल रहा है , मूर्ति के मुख पर जितने भी लड्डू रखे जाते है वो गायब हो जाते है , और आजतक कोई ये पता नहीं कर पाया की ये लड्डू कहाँ जाते है , 

   


भारत के 5 रहस्यमयी मंदिर | रहस्य जानकर चौक जाएंगे 

51 वास्तु facts , घर मे गरीबी क्यों आती है वास्तु शास्त्र के अनुसार 51 ऐसे कारण है जिनके कारण से आपके घर मे गरीबी आ जाती है

 नमस्कार दोस्तों 

इस पोस्ट मे हम बात करेंगे कुछ ऐसे कारणों के बारे मे जिनके कारण घर मे गरीबी आ जाती है , दोस्तों वैसे तो वास्तु शास्त्र बहुत गहरा है लेकिन इसकी कुछ ऐसे बातें है जिन्हे लगभग हर ज्योतिष बताता है , 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ ऐसे छोटे छोटे से कारण है जिन्हे करने से आपके घर से लक्ष्मी चली जाती है घर मे दरिद्रता छा जाती है , और ये तो आप सभी जानते है की जिस घर मे पैसे की कमी होती है वहां पर और भी कई साडी परेशानिया आ कर खड़ी हो जाती है , 

तो आइये जानते उन कारणों के बारे मे जिनके करने से आपके घर मे गरीबी का वास हो जाता है , 

51 वास्तु facts , घर मे गरीबी क्यों आती है वास्तु शास्त्र के अनुसार 51 ऐसे कारण है जिनके कारण से आपके घर मे गरीबी आ जाती है



घर में गरीबी आने के कारण


1=रसोई घर के पास में पेशाब करना ।

2=टूटी हुई कन्घी से कंगा करना ।

3=टूटा हुआ सामान उपयोग करना।

4= घर में कूडा-करकट रखना।

5=रिश्तेदारो से बदसुलूकी करना।

6=बांए पैर से पैंट पहनना।

7=सांध्या वेला मे सोना।

8=मेहमान आने पर नाराज होना।

9=आमदनी से ज्यादा खर्च करना।

10=दाँत से रोटी काट कर खाना।

11= पानी का टपकना | 

12=दांत से नाखून काटना।

14=औरतो का खडे खडे बाल बांधना।

15 =फटे हुए कपड़े पहनना ।

16= रसोई मे चप्पल /जूते लेकर जाना 

17=पेंड के नीचे पेशाब करना।

18=किसी गरीब का मजाक उड़ाना 

19=उल्टा सोना।

20=श्यमशान भूमि में हसना ।

21=पीने का पानी रात में खुला रखना

22=शाम के समय भिक्षा देना ( जरुरत मंद है तो जरूर दे , लेकिन अगर कोई रोज रोज शाम को आता है तो न दे )

23=बुरे ख्याल लाना।

24=पवित्रता के बगैर धर्मग्रंथ पढना।

25=शौच करते वक्त बाते,करना।

26=हाथ धोए बगैर भोजन करना ।

27=अपनी औलाद को कोसना।

28=दरवाजे पर बैठना।

29=लहसुन प्याज के छीलके जलाना।

30=साधू फकीर को अपमानित करना या उससे रोटीया फिर और कोई चीज खरीदना।

31=फूक मार के दीपक बुझाना।

32=ईश्वर को धन्यवाद किए बगैर भोजन करना।

33=झूठी कसम खाना।

34=जूते चप्पल उल्टा देख कर उसको सीधा नही करना।

35=गुरुवार और एकादशी के दिन बाल कटवाना ।

36=मकड़ी का जाला घर में रखना।

37=रात को झाडू लगाना।

38=अन्धेरे में भोजन करना ।

39=घड़े में मुंह लगाकर पानी पीना।

40=धर्मग्रन्थ का गन्दा पड़ा रहना ।

41=नदी,तालाब में शौच साफ करना और उसमें पेशाब करना ।

2=गाय , बैल को लात मारना ।

43=माँ-बाप का अपमान करना ।

44=रसोई के बर्तन जैसे तवा , कढ़ाई और कुकर को उल्टा करके रखना ।

45=दाँत गंदे रखना और रोज स्नान न करना ।

46=बिना स्नान किये भोजन करना ।

47=पडोसियों का अपमान करना, गाली देना ।

48=मध्यरात्रि में भोजन करना ।

49=गंदे बिस्तर में सोना ।

50=वासना और क्रोध से भरे रहना ।

51= दूसरे को अपने से हीन समझना । आदि ।


शास्त्रों में है कि जो दूसरो का भला करता है। ईश्वर उसका भला करता है। इस पोस्ट को अपने मित्रो और रिस्तेदारो के साथ शेयर करे जिससे वो भी जान सके की उनके घर मे ऐसा क्या हो रहा है जिसके कारण माता लक्ष्मी उनके घर से रुष्ट हो गयी है , 


51 वास्तु facts , घर मे गरीबी क्यों आती है वास्तु शास्त्र के अनुसार 51 ऐसे कारण है जिनके कारण से आपके घर मे गरीबी आ जाती है 

Chambal ka khuni darvaja -khuni darvaja -rahsya -क्या आप जानते है चम्बल का खुनी दरवाजा क्यों है प्रसिद्ध

 नमस्कार दोस्तों 

इतिहास रहस्यों से भरा पड़ा है आज ऐसे ही एक रहस्य के बारे मे आपको बताने जा रहे है जिसे कुछ लोग जानते है तो ज्यादातर लोग इसके बारे मे नहीं जानते . 

Chambal ka khuni darvaja -khuni darvaja -rahsya -क्या आप जानते है चम्बल का खुनी दरवाजा क्यों है प्रसिद्ध


दोस्तों हम बात कर रहे है चम्बल के खुनी दरवाजे की , यहां पर बहुत सारे Tourist हर साल घूमने आते है , और इस दरवाजे को देखते है , 

आपको बता दे की मध्यप्रदेश के चम्बल की कई प्रशिद्ध कहानिया है जिसमे चम्बल का खुनी दरवाजा एक है , चम्बल मे एक देवगिरि दुर्ग है  इसे अटेर के किले के नाम से भी जाना जाता है  यह किला खुनी दरवाजे के नाम से प्रशिद्ध है , इसी किले के अंदर जाने के लिए एक दरवाजा है जिसे खुनी दरवाजा कहते है , 

सबसे पहले आपको इस किले का इतिहास बताते है चम्बल नदी के किनारे ऊचे स्थान देवगिरि  पर्वत पर एक किला बना हुवा है जिसे अटेर का किला कहते है इस किले का निर्माण राजा बदन सिंह ने 1664 से 1668 के बीच कराया था , यह किला आज भी अपने अंदर सेकड़ो रहस्यों को छुपाए हुवे है , यहाँ के स्थानीय लोगो की माने तो यह देवगिरि पर्वत पर बना हुआ है जिसके कारन इसका नाम देवगिरि दुर्ग रखा गया था 


क्या है खुनी दरवाजे का राज : इस किले का मुख्य दरवाजा खुनी दरवाजे के नाम से जाना जाता है इसका मुख्य कारन है की जब यहाँ पर राजा राज करते थे उस समय इस दरवाजे पर बकरे / या भेड़ का सर काटकर लटकाया जाता था और उसका निचे एक बर्तन रख दिया जाता था जिसमे खून टपकता था , लोगो का मानना है की जिन लोगो को या गुप्तचरों को राजा से मिलना होता था तो वो पहले इस दरवाजे पर जाते थे और खून का तिलक करने के बाद ही उन्हें राजा से मिलने दिया जाता था , इसीलिए इस दरवाजे का नाम खुनी दरवाजा पड़ा , यहाँ पर हजारो की संख्या मे लोग घूमने आते है और इस किले को निहारते है , 


क्या आप जानते है चम्बल का खुनी दरवाजा क्यों है प्रसिद्ध 


Chambal ka khuni darvaja -khuni darvaja -rahsya -क्या आप जानते है चम्बल का खुनी दरवाजा क्यों है प्रसिद्ध 


महाभारत की सबसे अजीब और अनसुनी कहानी , द्रोणाचार्य थे .......baby ? worlds first test tube baby mahabharat

 नमस्कार दोस्तों आज इस पोस्ट मे आपको कुछ बहुत रोचक बताएंगे जो शायद ही आपने सुना हो लेकिन अगर आप इंटरनेट पर इसे search करेंगे तो आपको मिल जाएगा .

दोस्तों test tube baby के बारे मे आपने सुना होगा जिसे ये कहा जाता है की ये एकदम नै technology है लेकिन अगर हम अपने इतिहास पर नजर डालें तो हमारे कुछ महान पूर्वज / योद्धा / गुरु इस technology का इस्तेमाल कर चुके है . वो पहले से ही बिना माता के कोख के बच्चो को जन्म दे चुके है . 

आपको शायद पता होगा लेकिन कुछ लोग अभी भी नहीं जानते की कौरव के 100 पुत्र कैसे थे क्या वो सारे अलग अलग समय पर यानि एक एक साल बाद पैदा हुवे या फिर वो सभी एक साथ पैदा हुए , ये दोनों ही बात सोचने वाली है कोई स्त्री एक साथ 100 पुत्रो को  जन्म कैसे दे सकती है , 

दूसरा क्या कोई स्त्री 100 सालो तक उस स्तिथि मे रह सकती है की वो बच्चो को जन्म दे सके , दोनों ही बातें आज के समय मे असंभव है , लेकिन आपको बता दे की कौरव के 100 पुत्र , यानि दुर्योधन और उसके 99 भाई एक साथ पैदा हुए थे , 

वास्तव मे हुआ यूँ की माता गांधारी को 9 महीने के बाद एक मास का टुकड़ा पैदा हुवा , लेकिन गांधारी को वरदान था की 100 पुत्रो की माता बनो , उसी के चलते ऋषि व्यास ने मास के टुकड़े को 101 हिस्सों मे बांटा और घड़े मे भर कर रख दिया , 9  महीने बाद जब इन घडो को खोला गया तो सभी मे से 1 , 1  नवजात शिशु निकला , सबसे पहले जो घड़ा खोला गया उसमे से जो बच्चा निकला उसका नाम दुर्योधन रखा गया , क्योकि दुर्योधन को सबसे पहले घड़े से बहार निकला गया इसीलिए वो सबसे बड़ा पुत्र कहा गया ,  

इन सभी 101 घडो मे से 100 लड़के था 101 number के घड़े मे से एक लड़की निकली जिसका नाम दुसाला था . तो इस तरह कौरव के सभी 100 पुत्रो को test tube baby कहा जा सकता है , 

इससे अलग इससे भी पहले कौरव के गुरु द्रोणाचार्य भी test tube baby ही थे , इसके पीछे की एक कहानी प्रचलित है की आचार्य द्रोणाचार्य के पिता ऋषि भारद्वाज एक बार कुछ ऋषियों को लेकर गंगा नहाने के लिए गए वहां उन्होंने घृताची नामक अप्सरा स्नान करते देखा ,वो अप्सरा बहुत ही सुन्दर थी जिसे देख ऋषि के मन मे काम वासना जाग उठी , 

उसी समय पर ऋषि के शरीर से कुछ शुक्राणु निकले , ऋषि भारद्वाज ने इन्हे द्रोण नाम के कलश मे रख लिए और कुछ समय पश्चात इस कलश मे से द्रोणाचार्य निकले , इसलिए आज के युग मे कहा जाता है की आचार्य द्रोणाचार्य विश्व के सबसे पहले test tube baby थे . 




Note : यह सभी जानकारी internet से जुटाई गयी है , इसके सच या झूठ होने से लेखक का कोई उत्तरदाई नहीं है .


महाभारत की सबसे अजीब और अनसुनी कहानी , द्रोणाचार्य थे .......baby ?