उसकी महफ़िल छोड़कर चल क्यों नहीं देते ,

घर में तुलसी है इसे जल क्यों नहीं देते
आज लोग अच्छी सोच को बल क्यों नहीं देते

रोकती क्यों नहीं अब अमराइयाँ हमको
हमको  आवाज अब पीपल क्यों नहीं देते

सिचते भी है निराते गुड़ाते भी है
फिर ये पेड़ बाग़ फल क्यों नहीं देते ,


बेहतरीन Shayari, shayari love व Hindi Shayari♥Shayaron Ki ...

आग ही बरसा रहे है एक मुद्दत से
बरिसो को जन्म अब बादल क्यों नहीं देते

रोकने वाला ही नहीं कोई तो हमे
उसकी महफ़िल छोड़कर चल क्यों नहीं देते ,

रोज बढ़ती जा रही है जब समस्याए
आप इनका सार्थक हल क्यों नहीं देते ,



दोस्तों अगर आपको पीएसटी पसंद आयी हो तो प्लीज सहारे कर दीजिए और ऊपर दिए गए subscribe के बटन पर क्लिक करके आप sunscribe  कर लीजिए इसका कोई पैसा नहीं लगता ये बिलकुल फ्री है , 

Comments